पुनर्जन्म क्या है?

- पुनर्जन्म (Rebirth in English) का अर्थ है मृत्यु के बाद आत्मा का नए शरीर में प्रवेश करना। - यह विश्वास प्राचीन काल से चला आ रहा है और विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों में मिलता है।

पुनर्जन्म और ज्योतिषी:

- ज्योतिष में पुनर्जन्म का महत्व काफी अधिक है। - जन्म कुंडली में पिछले जन्म के कर्मों और प्रभावों को देखा जा सकता है।

पुनर्जन्म के संकेत:

- कुछ लोगों को अपने पिछले जन्म की स्मृतियाँ याद होती हैं। - ज्योतिषी विशेष ग्रहों की स्थिति के आधार पर पुनर्जन्म के संकेत बताते हैं।

पुनर्जन्म और कर्म:

- पुनर्जन्म का संबंध हमारे कर्मों से होता है। - अच्छा या बुरा कर्म हमारे अगले जन्म को प्रभावित करता है।

ज्योतिषी की राय:

- ज्योतिषियों का मानना है कि पुनर्जन्म सत्य है और यह आत्मा की यात्रा का एक हिस्सा है। - कुंडली में राहु, केतु और शनि ग्रह के प्रभाव पुनर्जन्म के संकेत दे सकते हैं।

पुनर्जन्म के लाभ:

- पुनर्जन्म के माध्यम से आत्मा को अपने पिछले कर्मों का फल प्राप्त होता है। - यह हमें अपने जीवन में सुधार और आत्म-विकास का मौका देता है।

पुनर्जन्म के उदाहरण:

- कई लोग अपने पिछले जन्म के स्थान, व्यक्ति या घटनाओं को पहचानते हैं। - बच्चों में अक्सर पिछले जन्म की स्मृतियाँ पाई जाती हैं जो पुनर्जन्म की पुष्टि करती हैं।

पुनर्जन्म (Punarjanam) का सत्य जानने के लिए ज्योतिषी की राय महत्वपूर्ण होती है, जो हमारे जीवन के रहस्यों को उजागर करने में सहायक हो सकती है। पुनर्जन्म का अध्ययन हमें आत्मा की अनंत यात्रा और उसके उद्देश्य को समझने में मदद करता है।